22 अगस्त 2018 - 15:21
जर्मन विदेश मंत्री ने परमाणु समझौते जेसीपीओए को बचाने के लिए पेश किया नया उपाय

जर्नम विदेश मंत्री ने परमाणु समझौते जेसीपीओए को बचाने के लिए नया उपाय पेश किया है।

हेको मास ने कहा है कि अगर योरोपीय संघ परमाणु समझौते जेसीपीओए को बचाना चाहता है तो उसके लिए ज़रूरी है कि वह पैसों के भुगतान के लिए ऐसा सिस्टम अपनाए जो अमरीका पर निर्भर न हो। उन्होंने अपने बयान में जो जर्मन अख़बार द हैंडल्सब्लाट बिज़नेस डेली में बुधवार को प्रकाशित हुआ, कहाः "पाबंदियों से योरोपीय कंपनियों को क़ानूनी तौर पर बचाना हमारा अधिकार है। इसलिए अमरीका से आज़ाद योरोपीय मुद्रा कोष और आज़ाद स्वीफ़्ट सिस्टम के गठन के ज़रिए योरोप की स्वायत्तता को मज़बूत करना, अपरिहार्य बन गया है।"

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के मई में इस देश को परमाणु समझौते से निकालने के बाद, वॉशिंग्टन ने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है और उसने ईरान के ख़िलाफ़ एकपक्षीय रूप से फिर से पाबंदियां लगा दी हैं। ईरान और गुट पांच धन एक के बीच यह ऐतिहासिक परमाणु समझौता 2015 में हुआ था। इस समझौते के तहत ईरान परमाणु क्षेत्र से जुड़ी पाबंदियों के हटने के बदले में अपनी शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर तय्यार हुआ।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने योरोपीय संघ, जेसीपीओए पर दस्तख़त करने वाले देशों और अनेक अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की ओर से चेतावनी की अनदेखी करते हुए, ईरान पर पहले चरण की पाबंदी फिर से लगाने के लिए 6 अगस्त को इक्ज़ेक्यूटिव आदेश पर दस्तख़त किए। ये ऐसी पाबंदियां हैं जो परमाणु समझौता होने पर हट गयी थीं।